बियोंड द इमेजिनेशन मतलब .........
सीमओं से परे "जो अंत है वही शुरुआत है और जो शुरुआत है वही अंत है"
शायद यह लाइन दिमाग पर थोडा जोर डालने पर मजबूर करती है पर yahi तो सत्य है और जो सत्य है वही vigyan है । सत्य है तो vigyan है और विज्ञानं है तो सत्य है । yahi तो मेने पहले कहा है ?इसे मानने में थोड़ी नहीं बोहोत मुश्किल होगी पर कहा गया है की सत्य कड़वा होता है । वैसाही कुछ यहाँ पर हुआ है । खेर कोई बात नहीं प्यासे को पानी के इन्त्रोदुक्तिओन के कोई जरुरत नहीं होती उसी तरह मेरे कहे को समझाने केलिए दिमाग की जरुरत नहीं होती सिर्फ और सिर्फ १ खुली सोच की की जरुरत होगी । आपको शायद ये सोचकर आश्चर्य होगा की इस दुनिया में सिर्फ १ ही चीज इम्पोसिबल है और वो क्या है ?" इम्पोसिबल " यहाँ सही या गलत कुछ नही होता सिर्फ जित होती है चाहे सत्य की हो या झूट की हमेशा ताकतवर जीतता है फिर चाहे वो सत्य हो या झूट । हमारे पास टाइम लिमिट है ६० या ७० साल इसमे ही आपको कुछ करना है । सत्य उस फटके की तारह होता है जो फूट जाता है और उतनीही देर तक ख़ुशी देता है जितना टाइम उसने आवाज़ की। उसके बाद व्ही सन्नाटा।सत्य उस पहाड़ की चोटी की tarah है जिसपर सिर्फ १ क्यक्ति के पैर रखने की जगह है। जिस पहाड़ पर पूरी बस्ती बस सकती है उसकी चोटी पर सिर्फ १ पैर ।
कहने का अर्थ ये है की हम जो देखते है वो १ फिजिकल केलकुलेशन होती है हमारे दिमाग किसी एड्रेस पर स्टोर होती है उसी तरह हम जो सोचते हे वो पहले स्टोर होता हैफिर हमारी आखो तक आताही और हमें दिखता हुआ प्रतीत होता है। कहने का अर्थये है की हम कुछ भी एसनाही सोच सकते हो इसदुनिया में पोसिबल नहीं है । हम वाही सोचते है । जो होता है या हो सकता है । इसीलिए किसी महान इन्सान ने कहा है की
"खुली आखो से देखे गए सपने कभी झूट नहीं होते"
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